गाजियाबाद। डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही, पैसे की मांग और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।सना के परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी से पहले ही अस्पताल की दो महिला डॉक्टरों – अंजलि और भारती यादव ने 2000 रुपये की मांग की। परिजनों ने पैसे देने की बात मानी, लेकिन इलाज में लापरवाही जारी रही।परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया, जिससे सना की हालत बिगड़ती चली गई। जब ब्लीडिंग ज्यादा होने लगी, तो उसे एमएमजी अस्पताल, गाजियाबाद रेफर किया गया। वहां से भी उसे जीटीबी अस्पताल, दिल्ली भेज दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतका के ससुर रियासत मेंबर ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा साइन करो वरना जेल भेज देंगे! हमने कहा कि पैसे भी दे देंगे, लेकिन इलाज सही करो। फिर भी उन्होंने लापरवाही बरती और हमारी बहू की जान चली गई।”मृतका की सास हसीना ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मृतका के ससुर रियासत मेंबर ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा साइन करो वरना जेल भेज देंगे! हमने कहा कि पैसे भी दे देंगे, लेकिन इलाज सही करो। फिर भी उन्होंने लापरवाही बरती और हमारी बहू की जान चली गई।”मृतका की सास हसीना ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।










